कमलनाथ पातालकोट को बनायेंगे जैव विविधता विरासत स्थल

भोपाल।पिछली शिवराज सरकार की फाईलों में कई सालों से ठण्डे बस्ते में पड़े छिन्दवाड़ा जिले के सुरम्य प्राकृतिक स्थल पातालकोट को जैव विविधता विरासत स्थल बनाने के प्रस्ताव मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अब बाहर निकाल लिया है तथा उनकी पहल पर राज्य के वन विभाग ने शुक्रवार को इस संबंध में प्रारुप अधिसूचना जारी कर दी है। आगामी 13 मार्च के बाद पातालकोट स्थल का मूर्त रुप ले लेगा।
अधिसूचना में कहा गया है कि पातालकोट प्रदेश के छिन्दवाड़ा जिले में स्थित है एवं प्रस्तावित स्थल वन वृत्त छिन्दवाड़ा (पूर्व एवं पश्चिम छिन्दवाड़ा वनमंडल) वन विभाग के स्वामित्व के अधीन संरक्षित वन क्षेत्र 8 हजार 367.49 हेक्टेयर में फैला हुआ है। पातालकोट का स्थल 1700 फीट गहरी घाटी तथा 6 मिलियन वर्ष की अनुमानित आयु, पारिस्थितिकी एवं दर्लभ वानस्पति एवं प्राणियों जिसमें ब्रायोफाइटस एवं टेरिडोफाइटस भी सम्मिलित हैं, वाला अनूठा भू-भाग रखता है। स्थानीय समुदाय विशेषकर भारिया को जंगली पेड़-पौधों एवं जड़ी-बूटियों का अनोखा पारम्परिक ज्ञान है जिसका उपयोग वे प्रभावी औशधियां बनाने के लिये करते हैं। पारिस्थितिकी एवं जैव विविधता के दृष्टिकोण से ऐसे क्षेत्र, विस्तार तथा सीमाओं को जैव विविधता विरासत स्थल के रुप में संरक्षित और सुरक्षित किया जाना आवश्यक है। 
अधिसूचना में कहा गया है कि पातालकोट के पूर्व वन मंडल छिन्दवाड़ा की फारेस्ट बीट छिन्दी के 4 हजार 305.25 हेक्टेयर तथा पश्चिम वनमंडल छिन्दवाड़ा की फारेस्ट बीट तामिया  के 4 हजार 62.24 हेक्टेयर क्षेत्र को जैव विधिता विरासत स्थल के रुप में घोषित किया जायेगा। विरासत स्थल बनने पर मप्र राज्य जैव विधिता मण्डल द्वारा राज्य के वन विभाग के सहयोग से तीन कार्य किये जायेंगे। एक, जैव विधिता विरासत स्थल की प्राकृतिक वनस्पतियों एवं प्राणियों के संरक्षण हेतु प्रबंधन योजना तैयार की जायेगी। दो, जैव विधिता संरक्षण के लिये वन विभाग, पारिस्थितिकीय पर्यटन कार्यक्रम, वनवासियों एवं आदिवासियों के अग्र पंक्ति के कर्मचारीवृन्द के लिये क्षमता निर्माण कार्यक्रम बनाये जायेंगे। तीन, अंतस्र्थालीय एवं बाह्य स्थलीय संरक्षण के लिये प्रजातियों की वंशवृध्दि की जायेगी।
सतना का नोरा हिल्स भी बनेगा विरासत स्थल :
राज्य सरकार सतना जिले के 200 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले प्राकृतिक स्थल नरो हिल्स को भी जैव विधिता विरारसत स्थल घोषित करने जा रही है तथा इसके लिये भी प्रारुप अधिसूचना जारी कर दी गई है। यह स्थल वनमंडल सतना की फारेस्ट बीट मौहार में आता है। आगामी 22 फरवरी के बाद यह विरासत स्थल का मूर्त रुप ले लेगा।
विभागीय अधिकारी नेबताया कि लम्बी प्रक्रिया के बाद राज्य शासन ने पातालकोट को जैव विविधता विरासत स्थल घोषित करने के लिये ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है।

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