कोलकाता में विपक्षी दलों की रैली पर बीजेपी ने साधा निशाना

शनिवार का दिन देश की सियासत को लेकर आगामी चुनावों में होने वाली राजनीति के नाम रहा. देश ओर जहां कोलकाता में महागठबंधन के मंच पर तमाम विपक्षी पार्टियां सत्ता हथियाने के लिए अपना एजेंडा तय कर रहीं थीं, तो दूसरी ओर प्रधानमंत्री मोदी रक्षा विनिर्माण से लेकर आधारभूत संरचनाओं के विकास परियोजनाओं की शुरुआत कर रहे थे.

देश के दो छोर पश्चिम और पूरब…सियासत और विकास के मंज़र का गवाह बन रहे थे…एक तरफ विकास का पिटारा था, तो दूसरी राजनीतिक हितों को बचाने की कवायद. सिलवासा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबका साथ, सबका विकास के मंत्र को अमलीजामा पहना रहे थे दूसरी तरफ कोलकता में राजनीतिक बजूद बचाने के लिए महागठबंधन की खिचड़ी सत्ता हासिल करने की आंच पर पक रही थी.

बंगाल की सरज़मीं से अलग-अलग विचारधारा वाले राजनीतिक दलों ने भाजपा के विजय रथ को रोकने में सुर से सुर मिलाया तो प्रधानमंत्री के ज़ोरदार वार से विपक्षी दलों की हसरतों के पर झुलसते नज़र आए.

ये रैली थी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की, जहां क्षेत्रीय हितों और पुरानी अदावतों को दरकिनार कर देशभर के विपक्ष दल एक मंच पर नज़र आए. इनमें कांग्रेस, सपा-बसपा, राष्ट्रीय जनता दल, शरद पवार की एनसपी के साथ-साथ देवगौड़ा की जेडीएस के अलावा अब्दुल्ला खानदान की एनसी भी शामिल थी. भले ही भविष्य को लेकर इनकी नीति साफ न रही हो लेकिन एक बात स्पष्ट है ये अपने सियासी अस्तित्व को बचाने के लिए गलबहियां करते दिखे.

पीएम मोदी ने ममता पर सीधे हमला करते हुए कहा कि वो भाजपा के विधायक से डर गई हैं, देश भर के नेताओं को बुलाकर उससे मुकाबला कर रही हैं.

हमला उस पार्टी की तरफ से भी हुआ जिसके खिलाफ अलग-अलग विचारधाराओं का ये जमावड़ा था. भाजपा ने इसे अवसरवादी और स्वार्थी गठजोड़ बता कर इसे एक सिरे से खारिज कर दिया.

अगर वित्त मंत्री अरुण जेटली की मानें, तो ये नकारात्मक नवाबों का जमावड़ा है. बहरहाल देश में चढ़ती सियासी पारे के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. इसमें कोई शक नहीं कि महागठबंधन पीएम मोदी के विजय रथ रोकने की एक कोशिश है, लेकिन रास्ता इतना आसान नहीं लगता. अलग-अलग विचारधारा और हित परस्पर जो टकरा रहे हैं. इनके बीच प्रधानमंत्री पद के अलग-अलग दावेदार हैं. यानि एक अनार और सौ बीमार की कहावत यहां फिट बैठती हैं और डगर को और कठिन कर देती हैं.

 

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