चिड़ियों को नजर आता है इंसान के मुकाबले एक अतिरिक्त रंग

  • वैज्ञानिक अनुसंधान में राज खुला कि पंक्षी कैसे सही दिशा पहचानते हैं

  • चौथा रंग भी देखती है चिड़ियां

  • रंगों के फर्क से पहचानती है

  • शोधकर्ताओं ने तैयार किया है मॉडल

  • अन्य प्राणियों में भी हो सकता है गुण

प्रतिनिधि

नईदिल्लीः चिड़ियों को एक अतिरिक्त रंग दिखता है। यह रंग हम इंसान नहीं देख पाते हैं।

इसी वजह से दिशा और घने कोहरे में भी सही उड़ान में पंक्षियों को मदद मिलती है।

काफी समय से वैज्ञानिक चिड़ियों के इस गुण के कारण की तलाश कर रहे थे।

अब जाकर उनके अतिरिक्त रंग देखने की क्षमता का पता चल पाया है।

पंक्षियों के आंख की बनावट के आधार पर वैज्ञानिकों ने इस दृष्टि का एक मॉडल कैमरा भी तैयार किया है।

इसी मॉडल से हुए परीक्षण से रंगों के अंतर का पता चला है। इसी एक गुण की वजह से घने कोहरे में भी उन्हें साफ साफ देखने में मदद मिलती रहती है।

इस गुण को पहचानने के लिए चिड़ियों को भोजन तलाशने की प्रक्रिया पर नजर रखी गयी थी।

इसी में इंसान की आंख और उसकी आंख के रंग पहचानने के अंतर का पता चला।

आम इंसान की आंखों में तीन मूल रंग पहचानने का गुण होता है।

हम लाल, नीला और हरा रंग अथवा उससे मिश्रित रंगों को पहचानते हैं।

पंक्षियों में चौथा रंग पहचानने का गुण होता है।

वह इसकी मदद से बैगनी रंग की पहचान अलग करते हैं।

इसी एक खास विशेषता की वजह से उनकी आंखों में अल्ट्रा वॉयोलेट रंग की मदद से सामने देखने में मदद मिलती है

जो घने कोहरे में भी चिड़ियों का रास्ता स्पष्ट करती जाती है।

चिड़ियों की देखने में सक्षम कैमरों से हुआ खुलासा

इस गुण को और बेहतर तरीके से समझने के लिए वैज्ञानिकों ने स्वीडन और ऑस्ट्रेलिया के घने जंगलों में

अत्याधुनिक मल्टीस्पेक्ट्रल कैमरे भी लगाये थे।

इन कैमरों की खासियत यह थी कि वे पंक्षियों की तरह ही देख सकते थे।

इसी की मदद से यह नई बात सामने आयी है।

वैज्ञानिकों ने खास तौर पर पाया कि इस अल्ट्रावॉयेलेट रंग पहचानने का गुण होने की वजह से

किसी पेड़ की पत्ती के ऊपरी और निचले सतह के अंतर को साफ साफ पहचाना जा सकता है।

इससे पंक्षी दिशा और दूरी को बेहतर तरीके से तय कर पाती है।

आम इंसान को जो पत्ता सिर्फ हरा नजर आता है, उसे चिड़िया अलग रंग में पहचानती है।

इसी गुण की वजह से चिड़ियां जमीन पर रेंगते कीड़ों को भी साफ साफ देख लेती है।

यहां तक कि पेड़ के पत्तों के पीछे छिपे मकड़ी पर भी उनकी नजर पड़ जाती है।

इन तमाम आंकड़ों के आदार पर दो वैज्ञानिकों ने एक कंप्यूटर मॉडल भी तैयार किया।

जिससे इस खास गुण का और बेहतर तरीके से खुलासा हो गया।

तब जाकर इस बात की पुष्टि हुई कि देखने के मामले में चिड़ियों को इंसान से बेहतर गुण प्रकृति द्वारा प्रदान किया गया है।

इसलिए वे उड़ते हुए भी जो कुछ देख लेती हैं, वह आम इंसान की आंखों नहीं देख पाती हैं।

चिड़ियों की इस वजह से रात को कम नजर आता है

इस बात का पता चलने के बाद वैज्ञानिक इस आधार पर और उन्नत किस्म का कैमरा बनाना चाहते हैं ताकि पंक्षियों के नजरिए से भी दुनिया को देखा जा सके।

वैसे इस विशेष गुण की वजह से ही शायद पंक्षियों को रात के अंधेरे में कम दिखाई पड़ता है।

उनकी आंखों की संरचना कुछ ऐसी है कि अल्ट्रा वॉयोलेट किरणों को देखने के लिए बने विशेष आवरण आंखों को कम रोशनी में देखने की कम शक्ति प्रदान करते हैं।

शायद इसी वजह से शाम होते ही पंक्षी अपने अपने घोंसले में चले जाते है और रात के अंधेरे में आम तौर पर नहीं उड़ते।

इस जानकारी के सामने आने के बाद वैज्ञानिक यह मान रहे हैं कि

शायद कई अन्य प्राणियो में भी देखने के अलग गुण हैं, जिसके बारे में अब तक इंसान को पता नहीं चल पाया है।

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