मैक्सिको के वैज्ञानिकों ने सर्वाइकल कैंसर की अचूक दवा तैयार की

परीक्षण में दवा सफल साबित हुई
दवा का मरीज पर साइड एफेक्ट नहीं
महिलाओं की मौत पर लगेगा लगाम

प्रतिनिधि
नईदिल्लीः मैक्सिको के एक दल ने अंततः सर्वाइकल कैंसर का अचूक ईलाज खोज लिया है। इस टीम ने इसके लिए लगातार बीस वर्षों तक काम किया है। तब जाकर इस दल को एचपीवी वायरस से निजात पाने की दवा मिली है। मेडिकल साइंस की दुनिया में इसे एक क्रांतिकारी आविष्कार माना जा रहा है। क्योंकि प्रारंभिक परीक्षण में यह पूरी तरह सफल साबित हुई है। सबसे बड़ी बात है कि इस दवा के प्रयोग का कोई दूसरा असर भी महिलाओं पर नहीं होता है।
मैक्सिको की वैज्ञानिक इवा रामोन गैलिजोस ने अपनी टीम के साथ यह सफलता पायी है। इसके लिए उन्होंने लगातार बीस वर्षों तक काम किया है। अब इस दवा के बारे में दावा किया गया है कि आम तौर पर सर्वाइकल कैंसर का कारण बनने वाले ह्यूमन पैपिलोमावाइरस (एचपीवी) को यह पूरी तरह ठीक कर सकता है। हाल के दिनों में इस वायरस का फैलाव बड़ी तेजी से पूरी दुनिया में हुआ है। दुनिया भर में एचपीवी के करीब एक सौ किस्म के विषाणु पाये गये हैं। इनमें से 14 विषाणु ऐसे हैं, जो सर्वाइकल कैंसर का कारण बनते हैं। दुनिया भर की महिलाओं की अकालमृत्य का एक बड़ा कारण यही सर्वाइकल कैंसर भी है। जिसे विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट में रेखांकित किया गया है।
रोग का निदान खोजने के बाद डॉ इवा ने अपने शोध की जानकारी सार्वजनिक की है। मैक्सिको के नेशनल पॉलिटेक्निक इंस्टिट्यूट के के नेशनल स्कूल ऑफ बॉयोलॉजिकल साइंस में उनकी टीम ने यह काम किया है। डॉ इवा खुद इस विधि की विशेषज्ञ हैं। शोध के बाद यह दावा किया गया है कि प्रारंभिक अवस्था में इस दवा से सर्वाइकल कैंसर से पूरी तरह छुटकारा पाया जा सकता है। बड़ी बात यह भी है कि इसके प्रयोग से मरीज के शरीर पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता क्योंकि दवा का कोई साइड एफेक्ट नहीं हैं। दवा के इस्तेमाल से दुनिया भर की महिलाओं की मौत पर काफी हद तक नियंत्रण पाने की उम्मीद की जा रही है। इस दवा के परीक्षण के सफल होने की जानकारी देते हुए डॉ इवा ने यह उम्मीद जतायी है कि दुनिया भर के वैज्ञानिकों की निरंतर मेहनत से अंततः एक दिन दुनिया हर प्रकार के कैंसर से मुक्त होने का मार्ग अवश्य खोज लेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>